Nidhi Saxena

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क्या कसूर था निशा का


विषय ; उसका क्या कसूर था 
रूप ; लेख
शीर्षक ; वो लड़की 
बात करीब तीस वर्ष पुरानी है , जब कोई सेरोगेसी नही जानता था।
तब एक परिवार जो उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रहता था ।

एक दंपत्ति जो सभी सुख सुविधाओं से परिपूर्ण थे ।
पति का नाम राघवेंद्र चौधरी , और पेशे से वकील थे।और पत्नी ऊषा चौधरी थी और वह एक कुशल ग्रहणी थी ।

उन्हे कोई चाह नहीं थी , उनके पास अगर कोई कमी थी तो वो की उनके कोई संतान ना थी ।
वो दोनो ना जाने कितने मंदिर , दरगाह , और बाबाओं के पास गए , ना जाने उन्होंने कितने व्रत रखे , लेकिन कोई फल ना मिला ।
अब दोनो के विवाह को 15 साल हो आए , वो हिम्मत हार गए ।
फिर उन्होंने निश्चय किया की वो गोद लेंगे , तब उन्होंने किसी परिवार से बात की , और उस गर्भवती महिला का पूरा खर्चा भी उठाया ।
लेकिन जैसे ही उस महिला ने एक सुंदर कन्या को जन्म दिया वैसे ही 
दंपत्ति उस नन्ही कली को लेकर अपने घर आ गए ।
और उसका नाम निशा रखा ।
और उसे बहुत ही लाड़ प्यार से पालने लगे । उसके सभी नखरे उठाते , उसका बहुत ध्यान रखते । 
देखते देखते ही निशा बड़ी हुई स्कूल जाने लगी , बहुत सुंदर थोड़ी नटखट ,सबका मन अपनी अदाओं से जीत लेने वाली थी ।
निशा 6 साल की थी जब उसे पता चला की उसके मम्मी पापा उसके असली मम्मी पापा नही है , वह गोद ली हुई है ।
उसके असली मम्मी पापा उससे मिलने आ जाते कभी कभी , लेकिन निशा का प्यार राघवेंद्र जी और उषा जी के लिए कम ना हुआ ।
राघवेंद्र जी और उषा जी के विवाह को अब 22 वर्ष पूर्ण हुए ।
और उसी साल कुछ चमत्कार हुआ , और ऊषा जी गर्भवती हुई ।
लेकिन अब उन दोनो का निशा के लिए प्यार कम होने लगा ।
अब वो हंसती खेलती लड़की उदास रहने लगी , अब वो सहेलियों से भी ना मिलती , और पढ़ाई में भी पीछे रहने लगी ।

फिर एक दिन अचानक उसके असली माता पिता आए , और उसको अपने साथ ले जाने लगे ।
निशा रोने लगी बोली मैं नही जाऊंगी , जबसे होश संभाला है ,(रोते हुए निशा राघवेंद्र जी और उषा से बोल रही थी ) तब से आपको मम्मी पापा बोला है , तो अचानक मुझे क्यों भेज रहे हो ।
लेकिन उसकी एक ना चली और उसके माता पिता उसे ले गए।
क्या ऐसा होना चाहिए था ????
ये उन दंपत्ति ने अपनी जरूरत के अनुसार उसे इस्तेमाल किया ।
कल जब वो उस खुशी के लिए तरस रहे थे ,तब इस लड़की निशा ने ही उन्हें ये सुख दिया , और आज जब अपनी ही कोख से वो खुशी मिल रही है तो उसे वापस कर दिया , ठीक उस सामान की तरह जिसकी जरूरत पूरी होते ही उसे घर से बाहर फैंक देते है ।
अब वो अपने माता पिता के साथ रहने लगी , अभी महज़ निशा 13 साल की थी की उसकी शादी कर दी गई ।
और 14 साल की उम्र में उसको जला कर मार दिया गया ।
क्यों जलाया नही पता .....किसने जलाया नही पता .......लेकिन इन सबके ज़िम्मेदार सिर्फ और सिर्फ वो दंपत्ति थे ।
ऐसा नही करना चाहिए किसी के साथ।
       नीर( निधि सक्सैना)

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4 Comments

Sachin dev

15-Dec-2022 05:33 PM

Well done

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VIJAY POKHARNA "यस"

15-Dec-2022 06:50 AM

कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन अंत बहुत ज्यादा दुखंतक हैं।

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shweta soni

15-Dec-2022 04:17 AM

👌👌👌

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